करीब 18 साल के लंबे अंतराल के बाद अमेरिका और बोलीविया ने एक बार फिर अपने-अपने देशों में राजदूत नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोलीविया के विदेश मंत्री फर्नांडो अरामायो ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देश जल्द से जल्द राजदूतों की बहाली को अंतिम रूप देना चाहते हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2008 से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में ठंडापन आ गया था। उस समय बोलीविया के तत्कालीन राष्ट्रपति एवो मोरालेस ने अमेरिकी राजदूत को देश से निष्कासित कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अमेरिकी राजदूत उनकी वामपंथी सरकार के खिलाफ साजिश रच रहे थे। इसके जवाब में व्हाइट हाउस ने भी बोलीविया के राजदूत को अमेरिका से निष्कासित कर दिया था। तब से दोनों देशों में राजदूत स्तर के संबंध बहाल नहीं हो पाए थे।
हाल ही में वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक के बाद फर्नांडो अरामायो ने बताया कि दोनों देशों ने इस मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा की है और जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा करने की योजना है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए इस कदम को महत्वपूर्ण मानते हैं।
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नवंबर में सत्ता संभालने वाले बोलीविया के केंद्र-दक्षिणपंथी राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज की सरकार अमेरिका के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इससे पहले बोलीविया में लंबे समय तक वामपंथी सरकारों—एवो मोरालेस और लुइस आर्से—का शासन रहा, जिनके कार्यकाल में पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के साथ दूरी बढ़ गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजदूतों की नियुक्ति से दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग को नई दिशा मिल सकती है और वर्षों से चली आ रही दूरी खत्म होने की उम्मीद है।
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