अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। दोनों देशों ने संकेत दिए हैं कि समझौता अब पहले से कहीं अधिक करीब है और तीन महीने से अधिक समय से जारी पश्चिम एशिया संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है। इस प्रस्तावित समझौते को ऐतिहासिक बताया जा रहा है, जिसके जरिए खाड़ी क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि इस सप्ताहांत यूरोप में कहीं अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।
ट्रंप की घोषणा के बाद कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि स्विट्जरलैंड का जिनेवा शहर समझौते पर हस्ताक्षर के लिए सबसे संभावित स्थान है। रिपोर्टों में कहा गया कि समारोह रविवार को आयोजित हो सकता है और इसमें जेडी वेंस तथा ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ मौजूद रह सकते हैं।
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हालांकि, ईरान ने इन खबरों को तुरंत खारिज कर दिया। तेहरान ने कहा कि न तो किसी तारीख को अंतिम रूप दिया गया है और न ही किसी स्थान का चयन हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर या आमने-सामने बैठक की अटकलें अमेरिकी पक्ष की इच्छाओं पर आधारित हैं।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी कहा कि यदि समझौते को अंतिम मंजूरी मिलती है तो उस पर दूरस्थ माध्यम से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की शर्तें पूरी नहीं होने पर अंतिम समझौता नहीं होगा।
अराघची ने बताया कि प्रारंभिक समझौते के बाद अमेरिका को अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए 60 दिन दिए जाएंगे। इसके बाद दोनों पक्ष आगे की वार्ताओं को आगे बढ़ाएंगे। इस संभावित समझौते ने पूरे पश्चिम एशिया में शांति और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थिरता की नई उम्मीदें जगा दी हैं।
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