अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किए गए सैन्य हमलों का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दावा किया गया है कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों तथा तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज पर ईरान के कथित हमले के जवाब में की गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 37 सेकंड का वीडियो साझा किया, जिसमें एक अमेरिकी मिसाइल या ड्रोन को एक अज्ञात स्थान पर ईरानी ठिकाने को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि हमलों से सिरिक बंदरगाह को कोई नुकसान नहीं हुआ है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी हमले प्रभावहीन रहे।
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दूसरी ओर, CENTCOM ने दावा किया कि उसके हमलों से ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज सेंटर तथा तटीय रडार साइटों को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा और सहायता देना जारी रखेगी।
CENTCOM ने बयान में कहा कि ईरानी बलों द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर हमला “अकारण आक्रामकता” है, जिससे संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा उत्पन्न हुई है।
यह घटनाक्रम उस समय आया है जब क्षेत्र में हाल ही में एक शांति समझौते की बात की जा रही थी। लेकिन ताजा हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है और शांति प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
25 जून को ईरान ने ओमान तट के पास एम/वी एवर लवली जहाज पर ड्रोन से हमला किया था, जिसे अमेरिका ने गंभीरता से लिया है। डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस हमले की निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
वहीं, ईरान का कहना है कि होर्मुज जलमार्ग उसके नियंत्रण में रहेगा और इसे “युद्धविराम प्रबंधन” के तहत संचालित किया जा रहा है।
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