अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीति को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी संघीय अदालत की जज जेनेट वर्गास ने 75 देशों के नागरिकों को अमेरिका में स्थायी रूप से बसने के लिए वीजा देने पर लगाए गए सरकारी प्रतिबंध को रद्द कर दिया है। यह फैसला ट्रंप प्रशासन की आव्रजन पर सख्ती की कोशिशों के लिए महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है।
दक्षिणी न्यूयॉर्क जिले की अदालत में शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को जारी आदेश में जज जेनेट वर्गास ने सरकार की वीजा नीति को “कानून के विपरीत” करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस प्रतिबंध को लागू करते समय अपनी “वैधानिक शक्तियों की सीमा पार की”।
सरकार की ओर से लागू की गई इस नीति के तहत 75 देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका में स्थायी रूप से बसने से संबंधित वीजा प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी। ट्रंप प्रशासन ने आव्रजन व्यवस्था को सख्त बनाने के उद्देश्य से कई कदम उठाए हैं और यह प्रतिबंध भी उसी व्यापक नीति का हिस्सा था।
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अदालत के फैसले में जज वर्गास ने इस बात पर जोर दिया कि कार्यपालिका के अधिकारियों को कानून द्वारा निर्धारित अधिकारों की सीमाओं के भीतर ही नीतियां लागू करनी चाहिए। उनके अनुसार, विदेश मंत्री को इस तरह का व्यापक प्रतिबंध लगाने का अधिकार कानून से प्राप्त नहीं था।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन अमेरिका में अवैध और वैध दोनों तरह के आव्रजन को लेकर कड़े कदम उठा रहा है। अदालत के इस आदेश से प्रभावित देशों के नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया को लेकर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
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