ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक बार फिर भारतीय चालक दल वाले व्यापारी जहाज को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है। सरकार के अनुसार यह हाल के दिनों में तीसरी ऐसी घटना है, जिससे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है।
इस जहाज की पहचान एमटी जलवीर के रूप में हुई है, जो गिनी के ध्वज वाला (फ्लैग्ड) जहाज है। जानकारी के अनुसार इस जहाज पर लगभग 20 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। यह एक एस्फाल्ट/बिटुमेन टैंकर है, जिसकी लंबाई 119.95 मीटर और चौड़ाई 16.84 मीटर है। यह विवरण समुद्री निगरानी वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के अनुसार है।
इस घटना के बाद भारतीय दूतावास, ओमान ने कहा कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास ने कहा कि उसे घटना की जानकारी है और आगे की जानकारी जुटाई जा रही है।
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यह हाल के दिनों में तीसरी ऐसी घटना है जब भारतीय चालक दल वाले जहाज को निशाना बनाया गया है। इससे पहले 8 जून को एमटी मारिवेक्स में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें सभी 24 भारतीय चालक दल सुरक्षित बचा लिए गए थे।
इसके बाद 10 जून को एमटी सेत्तेबेलो पर हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीयों में से 21 को बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। सरकार ने इसकी पुष्टि की थी।
केंद्रीय बंदरगाह मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अमेरिकी दूतावास के अधिकारी से भी बातचीत की है और कहा है कि नागरिक ढांचे और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए तथा समुद्री मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित रहनी चाहिए।
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