अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को घोषणा की कि उसके CEO और पब्लिशर विल लुईस तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं। यह फैसला ऐसे समय आया है जब कुछ ही दिनों पहले अखबार ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की थी, जिससे पाठकों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
अमेरिका में समाचार पत्र उद्योग लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक अखबारों की आय और सब्सक्रिप्शन में गिरावट आई है। ऐसे मुश्किल दौर में वॉशिंगटन पोस्ट को आर्थिक घाटे से उबारने के लिए विल लुईस ने कई कड़े फैसले लिए, लेकिन उनके कार्यकाल की आलोचना भी खूब हुई।
अखबार ने बताया कि विल लुईस की जगह जेफ डी’ओनोफ्रियो को नया CEO बनाया गया है। जेफ पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टम्बलर के CEO रह चुके हैं और पिछले साल वॉशिंगटन पोस्ट के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) के रूप में जुड़े थे। कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में विल लुईस ने कहा कि उनके पद छोड़ने का यही सही समय है।
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हाल ही में घोषित छंटनी में सैकड़ों पत्रकारों को नौकरी से निकाल दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 800 पत्रकारों में से करीब 300 को हटाया गया। अखबार की मिडिल ईस्ट टीम और यूक्रेन संवाददाता को भी हटा दिया गया, जबकि खेल, ग्राफिक्स और लोकल न्यूज विभागों में भारी कटौती की गई। अखबार का लोकप्रिय पॉडकास्ट ‘पोस्ट रिपोर्ट’ भी बंद कर दिया गया है।
इस फैसले के विरोध में वॉशिंगटन में अखबार के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन भी हुआ। इसी बीच जेफ बेजोस और विल लुईस पर संपादकीय मामलों में हस्तक्षेप के आरोप भी लगे। 2024 चुनाव से पहले कमला हैरिस के समर्थन को रोकने के फैसले के बाद करीब 2.5 लाख डिजिटल सब्सक्राइबर कम हो गए और अखबार को लगभग 100 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
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