तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के कार्यालय ने उन मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें उन्हें अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। रविवार को जारी बयान में स्पष्ट कहा गया कि दलाई लामा ने कभी जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और न ही अपनी ओर से किसी को उनसे मिलने की अनुमति दी।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का एक बड़ा संग्रह सार्वजनिक किया है। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद कई मशहूर हस्तियों और प्रभावशाली लोगों के नाम फिर चर्चा में आ गए हैं।
दलाई लामा के कार्यालय ने बयान में कहा, “हाल के कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट ‘एपस्टीन फाइल्स’ के संदर्भ में परमपावन दलाई लामा को उनसे जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हम स्पष्ट रूप से पुष्टि करते हैं कि परमपावन ने कभी जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और न ही उनके behalf पर किसी मुलाकात या संपर्क की अनुमति दी।”
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अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में कथित तौर पर 30 लाख से अधिक फाइलें शामिल हैं, जिनमें 2,000 से ज्यादा वीडियो और करीब 1,80,000 तस्वीरें बताई जा रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार इन फाइलों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और अरबपति एलन मस्क जैसे कई नामों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दस्तावेजों में किसी का नाम होने का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने कोई गलत काम किया हो।
जेफ्री एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर और दोषी यौन अपराधी था, जिसने नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी के मामलों में सजा पाई थी। 2019 में उसे संघीय आरोपों में गिरफ्तार किया गया, लेकिन जेल में उसकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया।
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