पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसे खोलने और बंद करने का फैसला केवल ईरान के नियंत्रण में होगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकियों से संघर्ष जारी रहने के दौरान पेट्रोल की ऊंची कीमतों के लिए तैयार रहने को कहा है।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने शनिवार, 15 अगस्त 2026 को कहा कि जब तक अमेरिका हार की वास्तविकता को स्वीकार नहीं करता और कल्पनाओं में रहना बंद नहीं करता, तब तक ईरान जलडमरूमध्य की नाकाबंदी लागू करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को किसी सोशल मीडिया पोस्ट, विमानवाहक पोत, आदेश या चुनावी भाषण के जरिए कब्जे में नहीं लिया जा सकता। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान फिलहाल युद्ध से पहले जैसी सामान्य समुद्री आवाजाही बहाल करने के लिए जल्दबाजी में नहीं है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के तेल निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता था। इसके बाधित होने से वैश्विक तेल बाजार और ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में आयोजित राजनीतिक रैली में अमेरिकियों से कहा कि उन्हें कुछ अधिक पेट्रोल कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इससे ईरान जैसे देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में मदद मिलती है, तो थोड़ी अधिक कीमत चुकाना उचित है।
ट्रंप ने ईरान को बेहद खतरनाक और “दुष्ट देश” बताते हुए कहा कि युद्ध का एक उद्देश्य उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी बयानबाजी से स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता और होर्मुज के रास्ते तेल टैंकरों की आवाजाही को लेकर फिलहाल कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
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