केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि वर्ष 2020 के बाद से भारत के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में 340 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार के समावेशी और भविष्य उन्मुख समुद्री कार्यबल निर्माण के प्रयासों का बड़ा परिणाम बताया।
10वां इंडियन ओशन डायलॉग में बोलते हुए सोनोवाल ने कहा कि “सागर में सम्मान” जैसी पहलें महिलाओं के लिए समुद्री क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, नेतृत्व और समान भागीदारी प्रदान करना है।
यह कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल और यमन के राज्य मंत्री वलीद मोहम्मद अल-कादीमी समेत कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
और पढ़ें: समुद्री क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम: 2026-27 तक 62 नए पोत जोड़ने की योजना
सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समुद्री क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और यह परिवर्तन भारतीय महासागर क्षेत्र के लिए अधिक समावेशी, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय महासागर केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन की जीवनरेखा है। ऐसे में इस क्षेत्र में सहयोग, स्थिरता और समावेशिता को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत की समुद्री नीतियां “सागर” (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) और “महासागर” (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) जैसे ढांचों पर आधारित हैं। इन पहलों का उद्देश्य भारतीय महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग और समान विकास सुनिश्चित करना है।
भारत वर्तमान में इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) की 2025-27 अवधि की अध्यक्षता कर रहा है। इस वर्ष संवाद का विषय “बदलती दुनिया में भारतीय महासागर क्षेत्र” रखा गया है।
सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। सोनोवाल ने कहा कि भारत क्षेत्र में “नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर” की भूमिका निभाता रहेगा और मानवीय सहायता, समुद्री निगरानी तथा आपदा राहत अभियानों में सहयोग जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षित, स्थिर और शांतिपूर्ण भारतीय महासागर क्षेत्र के लिए सभी साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
और पढ़ें: भारतीय समुद्री क्षेत्र में युवाओं को अवसर, समझौता ज्ञापन से मिलेगा नई करियर का रास्ता: सरबानंद सोनोवाल