रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार (14 जनवरी, 2026) को कहा कि भारत एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के रूप में उभर चुका है। उन्होंने कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज जब भारत बोलता है तो पूरी दुनिया उसकी बात सुनती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में 10वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों से राष्ट्र को मार्गदर्शन देते रहने का आह्वान किया और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा, “आज भारत एक सशक्त और विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। पहले भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज भारत की आवाज़ को दुनिया सुनती है। सामाजिक सौहार्द समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हर क्षेत्र में आपका योगदान भारत के भविष्य को दिशा दे सकता है।”
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उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे अनेक क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं और वे राष्ट्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा, “जिस तरह घर में महत्वपूर्ण फैसले बुजुर्गों की सलाह से लिए जाते हैं, उसी तरह राष्ट्र निर्माण में आपकी भूमिका भी बेहद अहम है। सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए कई पहल की हैं।”
रक्षा मंत्री ने श्रीलंका में ऑपरेशन पवन के दौरान सेवा देने वाले सैनिकों को याद किया और कहा कि कई जवानों ने उस मिशन में सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में श्रीलंका यात्रा के दौरान उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि दी थी और दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में भी उन्हें सम्मानित किया जाता है।
उन्होंने ‘वन रैंक वन पेंशन’ (OROP) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पूर्व सैनिकों को आर्थिक स्थिरता मिली है। “यह सरकार की ओर से कोई उपकार नहीं, बल्कि आपके साथ न्याय है”।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सैनिकों के प्रति सम्मान भारत की परंपरा का हिस्सा है और युवाओं को पूर्व सैनिकों से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को भी पूर्व सैनिकों से मार्गदर्शन लेना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर नागरिक प्रशासन के साथ खड़ा होना चाहिए।
गौरतलब है कि सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस हर वर्ष 14 जनवरी को फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
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