उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर पलटवार किया है। बलरामपुर में एक कार्यक्रम के दौरान योगी ने अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने का न्योता देते हुए कहा कि वह भी वहां से नामांकन करेंगे। उन्होंने कहा कि मुकाबला नेताओं के समर्थकों के बजाय सीधे दोनों नेताओं के बीच होना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अखिलेश जी, आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी करता हूं। चलिए, एक बार किस्मत आजमा लिया जाए। तय हो ही जाए। लड़ाई चेलों से क्यों, लड़ाई सामने होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि अयोध्या उनके लिए आस्था का पवित्र केंद्र है और वह वहां राजनीति के लिए नहीं, बल्कि विकास कार्यों की समीक्षा करने जाते हैं।
अयोध्या के विकास पर क्या बोले योगी?
मुख्यमंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय अयोध्या में बिजली की सीमित आपूर्ति होती थी और शहर में गंदगी की समस्या थी। उन्होंने दावा किया कि आज अयोध्या विकास और बेहतर व्यवस्थाओं का उदाहरण बन रही है। योगी ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की पहचान को मजबूत करना और विकास कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने देना है।
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बलरामपुर को 803 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात
बलरामपुर में मुख्यमंत्री ने 803 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 78 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनता का एक वोट क्षेत्र की पहचान और विकास की दिशा बदल सकता है। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां तस्करी, अपराध और अराजकता की समस्याएं थीं, वहां अब विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले बलरामपुर की सड़कों की स्थिति खराब थी और माफिया तथा दबंगों का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में कुछ लोगों द्वारा व्यापारियों को धमकाकर उनकी संपत्तियों पर कब्जा किए जाने की शिकायतें सामने आती थीं।
कांग्रेस और सहयोगी दलों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण का विरोध करने वाले अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा का पालन नहीं कर रहा और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।
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