मणिपुर की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मणिपुर विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। बुधवार (4 फरवरी 2026) को उन्होंने इम्फाल स्थित लोक भवन में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनाने का औपचारिक दावा प्रस्तुत किया।
गौरतलब है कि मणिपुर फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन के अधीन है। पिछले एक साल से अधिक समय से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई थी और प्रशासनिक कार्य राष्ट्रपति शासन के तहत चलाए जा रहे थे। ऐसे में अब सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होना राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने सरकार बनाने का दावा पेश कर यह संकेत दिया है कि पार्टी को आवश्यक समर्थन प्राप्त हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, एनडीए गठबंधन के विधायकों का समर्थन उन्हें हासिल है, जिसके आधार पर उन्होंने राज्यपाल के सामने सरकार गठन का प्रस्ताव रखा।
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राज्यपाल से मुलाकात के दौरान खेमचंद सिंह ने राज्य में स्थिर और प्रभावी शासन देने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य में शांति, विकास और सामान्य स्थिति बहाल करना होगा। लंबे समय से चली आ रही अस्थिरता और राष्ट्रपति शासन के बाद अब जनता को स्थिर सरकार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के गठन से मणिपुर में प्रशासनिक और विकास कार्यों को गति मिल सकती है। राज्य में कानून व्यवस्था, पुनर्वास और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाना नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।
अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद शपथ ग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जिसके बाद मणिपुर में नई सरकार औपचारिक रूप से काम शुरू करेगी।
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