दिग्गज अभिनेता बिस्वजीत चटर्जी, फरीदा जलाल और आशा काले के साथ प्रसिद्ध वायलिन वादक और संगीतकार अमर हल्दीपुर को इस माह के अंत में होने वाले 24वें पुणे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (PIFF) में शीर्ष सम्मानों से नवाजा जाएगा। यह जानकारी शुक्रवार को पुणे में आयोजित महोत्सव के अध्यक्ष डॉ. जब्बार पटेल ने दी।
डॉ. पटेल ने बताया कि भारतीय सिनेमा में उनके दीर्घकालिक और अमूल्य योगदान के लिए तीनों वरिष्ठ कलाकारों को “पीआईएफएफ डिस्टिंग्विश्ड अवॉर्ड” प्रदान किया जाएगा, जबकि संगीत के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए अमर हल्दीपुर को “एस. डी. बर्मन इंटरनेशनल अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाएगा। ये सभी सम्मान 22 जनवरी को बालगंधर्व रंगमंदिर में आयोजित महोत्सव के समापन समारोह में प्रदान किए जाएंगे।
डॉ. पटेल ने कहा, “इस वर्ष के विजेता भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग और उस संगीतात्मक रचनात्मकता का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित करती है।”
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पुणे फिल्म फाउंडेशन, महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग और दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पीआईएफएफ का 24वां संस्करण 15 से 22 जनवरी तक आयोजित होगा। महोत्सव का उद्घाटन ई-स्क्वेयर थिएटर में होगा और शहर के 10 विभिन्न स्थलों पर फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस वर्ष मराठी फिल्मों की प्रतियोगिता श्रेणी “मराठी सिनेमा टुडे” प्रमुख आकर्षण रहेगी। ट्रस्टी सतीश अलेकर ने बताया कि 100 से अधिक प्रविष्टियों में से सात फिल्मों को अंतिम चरण के लिए चुना गया है। इनमें ‘आदिशेष’, ‘तोह ती आणि फुजी’, ‘तिघी’, ‘जीव’, ‘गोंधळ’, ‘गमन’ और ‘बप्प्या’ शामिल हैं। विजेता फिल्म को अंतरराष्ट्रीय जूरी द्वारा चुना जाएगा और उसे महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रायोजित ₹5 लाख नकद पुरस्कार मिलेगा।
इसके अलावा, गैर-प्रतियोगी खंड में भी कई उल्लेखनीय मराठी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। महोत्सव के दौरान कार्यशालाएं, पैनल चर्चाएं और गुरु दत्त, वी. शांताराम और वी. दामले को समर्पित विशेष रेट्रोस्पेक्टिव भी आयोजित किया जाएगा।