बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के समक्ष पेश होकर एक विवादित गीत को लेकर माफी मांगी और साथ ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी लिया। यह मामला फिल्मी गीत “सरके चुनर तेरी सरके” में कथित अश्लीलता और अभद्रता से जुड़ी शिकायतों के बाद सामने आया था।
एनसीडब्ल्यू द्वारा जारी समन के बाद संजय दत्त 27 अप्रैल को आयोग के सामने उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने इस मुद्दे पर खेद व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने का आश्वासन दिया।
इस दौरान अभिनेता ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए 50 लड़कियों की शिक्षा का जिम्मा उठाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है और वे इस दिशा में योगदान देना चाहते हैं।
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसे कदम प्रेरणादायक होते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मनोरंजन उद्योग को सामाजिक जिम्मेदारियों का ध्यान रखते हुए सामग्री प्रस्तुत करनी चाहिए।
यह मामला फिल्मी कंटेंट और समाज के बीच संतुलन को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कलाकारों को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना चाहिए।
संजय दत्त की यह पहल न केवल विवाद को शांत करने की दिशा में एक कदम है, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है।
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