बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लद्दाख में भगवान गौतम बुद्ध के पवित्र अवशेषों के सार्वजनिक दर्शन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इन व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
अमित शाह ने कहा कि 1 मई से 15 मई तक श्रद्धालुओं के लिए इन पवित्र अवशेषों के दर्शन का अवसर उपलब्ध रहेगा, जो अत्यंत दुर्लभ और विशेष है। उन्होंने स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए इन अवशेषों को नमन करने की बात कही।
श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्री ने लद्दाख के उपराज्यपाल, स्थानीय नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
और पढ़ें: मुंबई में 1,745 करोड़ की कोकीन बरामद, अमित शाह का ड्रग्स नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई का ऐलान
यह आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा लद्दाख प्रशासन और इंटरनेशनल बौद्ध कन्फेडरेशन के सहयोग से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों, राजदूतों, प्रमुख बौद्ध धर्मगुरुओं, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
15 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में बुद्ध अवशेषों के दर्शन के साथ-साथ धार्मिक जुलूस, पारंपरिक अनुष्ठान और ध्यान सत्र, योग शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी तथा हिमालयी बौद्ध धर्म पर संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम के प्रमुख स्थलों में महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर, धर्मा सेंटर, लेह पैलेस और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ बौद्ध स्टडीज शामिल हैं। इसके अलावा 11 और 12 मई को यह कार्यक्रम का विस्तार जांस्कर क्षेत्र तक भी किया जाएगा।
समापन समारोह 14 मई को लेह में आयोजित होगा, जबकि 15 मई को पवित्र अवशेषों को वापस ले जाया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
और पढ़ें: अमित शाह का लेह दौरा 30 अप्रैल से, बुद्ध पूर्णिमा कार्यक्रम में शामिल होंगे