कैबिनेट ने चार राज्यों में चार बहु-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को रेल मंत्रालय की लगभग 9,450 करोड़ रुपये की लागत वाली चार परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 410 किलोमीटर है और ये ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु में फैली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन में अपग्रेड करने की भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है।
चार रेल परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन, ओडिशा में भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में गुम्मिडिपुंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन तथा ओडिशा में कटक-पारादीप (बड़ाबांधा) तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। इनकी लंबाई क्रमशः 173, 75, 90 और 72 किलोमीटर होगी।
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि खड़गपुर-भद्रक परियोजना बालेश्वर और रूपसा होते हुए भद्रक तक जाएगी। यह ओडिशा के पूरे तटीय क्षेत्र से होकर गुजरने वाली रेल लाइन का हिस्सा होगी। परियोजना में दो बड़े पुल, 41 प्रमुख पुल और 169 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इसकी कुल लंबाई 173 किलोमीटर और लागत 3,352 करोड़ रुपये होगी।
चारों परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों को कवर करेंगी। इनके माध्यम से करीब 6,448 गांवों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 60 लाख है।
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन परियोजनाओं से कुलदीहा वन्यजीव अभयारण्य, भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, मां भद्रकाली मंदिर, पंचलिंगेश्वर मंदिर, चांदीपुर समुद्र तट, पुलिकट झील, नेलापट्टू पक्षी अभयारण्य, धबलेश्वर मंदिर और ललितगिरि जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होगी। इसके अलावा कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा-इस्पात, कंटेनर, वाहन और खाद्यान्न जैसे माल की ढुलाई भी सुगम होगी।
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