बंगाल की खाड़ी में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद आंध्र प्रदेश के कई तटीय इलाकों में हलचल मच गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
भूकंप सुबह 5 बजकर 5 मिनट 46 सेकंड (भारतीय समयानुसार) पर आया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र बंगाल की खाड़ी में काकीनाडा तट से करीब 225 किलोमीटर दूर स्थित था। यह भूकंप समुद्र के भीतर 10 किलोमीटर की गहराई में आया।
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अक्षांश 16.805 डिग्री उत्तर और देशांतर 84.381 डिग्री पूर्व पर स्थित था। समुद्र के भीतर केंद्र होने के कारण इसका प्रभाव सीमित रहा।
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भूकंप के झटके विशाखापत्तनम समेत आंध्र प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में महसूस किए गए। कुछ स्थानों पर लोगों ने हल्के कंपन महसूस होने के बाद एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकलना शुरू कर दिया।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि भूकंप के कारण किसी भी क्षेत्र में बड़ी क्षति की जानकारी नहीं मिली है। अधिकारियों के अनुसार, झटके हल्के थे और लोगों में किसी तरह की बड़ी घबराहट की स्थिति नहीं बनी।
विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र के भीतर आने वाले मध्यम तीव्रता के भूकंपों में अक्सर नुकसान की संभावना कम होती है, लेकिन तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहना जरूरी होता है।
प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल किसी तरह के आफ्टरशॉक या अतिरिक्त खतरे की सूचना जारी नहीं की गई है।
आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी असामान्य गतिविधि की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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