जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बुधवार को निर्गम खुलने के पहले ही दिन बोली शुरू होने के महज 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। शेयर बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार, यह तेज प्रतिक्रिया योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) की मजबूत मांग के कारण देखने को मिली।
इस रिपोर्ट को तैयार करने के समय तक आईपीओ कुल मिलाकर 1.27 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी ने निर्गम के तहत लगभग 19.75 करोड़ शेयर पेशकश के लिए रखे थे, जबकि इसके एवज में करीब 25 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के मुताबिक कुल आवेदनों की संख्या 13.56 लाख रही।
एंकर निवेशकों को छोड़कर क्यूआईबी श्रेणी में सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला, जो 3.86 गुना सब्सक्राइब हुई। इस श्रेणी के लिए आरक्षित 4.90 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 18.91 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।
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वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) की श्रेणी में प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत कमजोर रही और यह केवल 0.41 गुना सब्सक्राइब हुई। इसमें 10 लाख रुपये से अधिक के आवेदन वाले हिस्से में 0.34 गुना और 10 लाख रुपये से कम के आवेदन वाले हिस्से में 0.54 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज की गई।
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और 23 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है, जबकि न्यूनतम बोली लॉट 12 शेयरों का रखा गया है।
पहले दिन मिली जोरदार प्रतिक्रिया से पहले ही कंपनी के एंकर बुक में संस्थागत निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखने को मिल चुकी थी। कंपनी की ओर से पहले की गई घोषणा के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के 8,110 करोड़ रुपये के एंकर आवंटन के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कुल संस्थागत मांग आई, जो पेशकश की गई राशि से 30 गुना से भी ज्यादा थी। यह एंकर आवंटन 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से किया गया और इसमें 212 वैश्विक एसेट मैनेजर, घरेलू म्यूचुअल फंड, सॉवरेन वेल्थ फंड, पेंशन संस्थान तथा भारतीय पारिवारिक कार्यालयों (फैमिली ऑफिस) ने भागीदारी की।
निवेशक 23 अक्टूबर तक इस निर्गम के लिए बोली लगा सकते हैं और विभिन्न निवेशक श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन के आंकड़े निर्गम की मांग का एक महत्वपूर्ण संकेतक बने रहने की उम्मीद है।
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