भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाया। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 102.43 अंक यानी 0.14 प्रतिशत गिरकर 72,965.38 पर खुला। वहीं, निफ्टी 85.65 अंक टूटकर 22,690.45 पर पहुंच गया।
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 73,067.81 और निफ्टी 50 22,776.10 पर बंद हुआ था। हालांकि, शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार में मजबूती दिखाई दी। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 15.76 अंक बढ़ा, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 13.64 अंक यानी 0.15 प्रतिशत चढ़कर 9,138.96 पर पहुंच गया।
टाइटन समेत कई शेयरों में गिरावट
सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, एटरनल, भारती एयरटेल, कोटक बैंक और टेक महिंद्रा बढ़त में रहे। बजाज फाइनेंस सबसे आगे रहा और शुरुआती कारोबार में करीब 1.26 प्रतिशत चढ़ा।
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दूसरी ओर, टाइटन, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम और L&T में गिरावट रही। टाइटन का शेयर करीब 3 प्रतिशत तक टूट गया।
एनएसई पर शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1,681 शेयरों में गिरावट, जबकि 827 शेयरों में तेजी रही। 124 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे सपाट शुरुआत के संकेत
गिफ्ट निफ्टी ने भी बाजार की लगभग सपाट शुरुआत के संकेत दिए थे। यह 2.5 अंक बढ़कर 22,776.50 पर खुला, जबकि पिछला बंद स्तर 22,774 था।
6 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयरों से 2,961.30 करोड़ रुपये की निकासी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,088.92 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
तकनीकी शोध विश्लेषक दीपेश सरावगी के अनुसार, बाजार में सुधार और बेहतर भागीदारी से निकट अवधि का रुख सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन एफआईआई की लगातार बिकवाली चिंता का कारण है।
एशियाई बाजार भी दबाव में
अमेरिकी शेयर बाजार के नए उच्च स्तर छूने के बावजूद एशियाई बाजारों में कमजोरी रही। जापान का निक्केई 225 0.66 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.66 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.82 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद मामूली सुधार भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत रहा।
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