भारत की स्टार जुडोका और ओलंपियन तूलिका मान को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (एनएडीए) द्वारा अस्थायी रूप से निलंबित किए जाने के बाद 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर कर दिया गया है। तूलिका पर 12 महीने की अवधि में तीन बार व्हेयरअबाउट फेल्योर का आरोप लगा है।
27 वर्षीय तूलिका मान भारत की महिला +78 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में पदक की प्रमुख दावेदारों में शामिल थीं। भारतीय टीम के एक कोच ने बताया कि तूलिका ने एक साल के भीतर तीन व्हेयरअबाउट फेल्योर किए हैं, जिसके बाद एनएडीए ने उन्हें नोटिस जारी किया और अब टीम से उनका नाम वापस लिया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के नियमों के तहत तीन व्हेयरअबाउट फेल्योर होने पर खिलाड़ी के खिलाफ अस्थायी निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। तूलिका को एनएडीए के समक्ष पेश होने के लिए बुलाया गया था और उन्होंने गुरुवार, 23 जुलाई को एजेंसी के सामने अपनी बात रखी।
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तूलिका का बाहर होना भारतीय जूडो टीम के लिए बड़ा झटका है। टीम अभी ग्लासगो के लिए रवाना नहीं हुई है और उसके 27 जुलाई को रवाना होने का कार्यक्रम है। जूडो प्रतियोगिताएं 31 जुलाई से शुरू होंगी।
इससे पहले एक अन्य भारतीय जुडोका अरुण कुमार को भी पुरुषों की -73 किलोग्राम श्रेणी में प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था। अरुण को प्रतियोगिता से बाहर किए जाने का कारण आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन डोप टेस्ट में विफल होना बताया गया था।
डोपिंग नियमों के अनुसार, व्हेयरअबाउट फेल्योर में खिलाड़ी द्वारा जांच के लिए अपनी जरूरी लोकेशन जानकारी जमा नहीं करना या अपडेट नहीं करना शामिल है। इसके अलावा घोषित 60 मिनट के परीक्षण समय में खिलाड़ी के उपलब्ध नहीं होने पर भी इसे मिस्ड टेस्ट माना जाता है। 12 महीने में तीन बार ऐसी गलती होने पर डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
तूलिका मान पिछले एक दशक से भारत की प्रमुख जुडो खिलाड़ियों में रही हैं। उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला +78 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था। वह ऐसा करने वाली दूसरी भारतीय जुडोका बनी थीं। बाद में गंभीर घुटने की चोट से उबरकर उन्होंने पेरिस ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया था।
अब अंतिम फैसला एनएडीए की कार्यवाही पर निर्भर करेगा। यदि उनका निलंबन बरकरार रहता है तो उन्हें अधिकतम दो साल तक प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
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