महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के जरिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भविष्य की प्रधानमंत्री रेस से दूर रखने की रणनीति बनाई थी।
महाराष्ट्र के हिंगोली में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह ‘ऑपरेशन टाइगर’ नहीं बल्कि वास्तव में ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ था। उन्होंने सवाल उठाया कि शिवसेना (यूबीटी) से अलग हुए सांसद सीधे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में क्यों नहीं गए, बल्कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि देवेंद्र फडणवीस को एक निश्चित स्तर पर रखा जा सके और वे भविष्य में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल न हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ये बागी सांसद भविष्य में प्रधानमंत्री पद के लिए अमित शाह को भी समर्थन दे सकते हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि इस कथित ‘ऑपरेशन’ का एक उद्देश्य यह भी था कि भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को संसद में दो-तिहाई बहुमत मिल सके, ताकि परिसीमन विधेयक जैसे फैसले आसानी से पारित किए जा सकें। उद्धव ठाकरे ने इस दौरान किसानों की आत्महत्या और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
ठाकरे ने दलबदल करने वाले सांसदों को “धोखेबाज” बताते हुए कहा कि उन्होंने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के विचारों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि हिंगोली और वाशिम के सांसदों ने भी पहले पार्टी छोड़ी थी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि 2024 लोकसभा चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) को नौ सीटें मिली थीं, जिनमें से छह सांसद हाल ही में शिंदे गुट में शामिल हो गए।
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