दुनिया की प्रमुख भुगतान कंपनी वीजा में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपने वैश्विक कार्यबल में करीब 7 प्रतिशत की कटौती करने की योजना बना रही है, जिसके तहत लगभग 2,600 कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।
छंटनी की खबरों के बीच कंपनी के एक कर्मचारी अर्नब दास ने कहा कि उनके मैनेजर कंपनी के सबसे अच्छे कर्मचारियों में से एक माने जाते थे। उनके पास उत्पाद की पूरी जिम्मेदारी थी और हर प्रदर्शन समीक्षा में उन्हें शानदार रेटिंग मिली थी। इसके बावजूद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया।
उन्होंने कहा, “वीजा में मेरी पूरी टीम की छंटनी हो गई, जिसमें मेरे मैनेजर भी शामिल हैं। वह उत्पाद की शुरुआत से अंत तक पूरी जिम्मेदारी संभालते थे, हर समीक्षा में उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा और शायद वह उन लोगों में आखिरी होते जिन्हें हटाने की उम्मीद की जाती।”
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कॉरपोरेट जगत में छंटनी को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने कहा कि कंपनियों में होने वाली छंटनी का संबंध हमेशा कर्मचारियों के प्रदर्शन से नहीं होता।
एक कर्मचारी ने कहा कि लागत कम करने के दौरान कंपनियां अक्सर उन कर्मचारियों को निशाना बनाती हैं जिनकी जरूरत कम होती है या जिनका वेतन अधिक होता है। वहीं, कुछ अन्य कर्मचारी ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में कर्मचारियों के बीच असुरक्षा और तनाव का माहौल बन जाता है।
वीजा ने नहीं दी आधिकारिक प्रतिक्रिया
वीजा ने अभी तक पूर्व कर्मचारी के दावों या छंटनी की खबरों पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के कारण तकनीकी और वित्तीय क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियां खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर कंपनी का फोकस
वीजा हाल के समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक पर भी जोर दे रही है। कंपनी ने चैटजीपीटी में अपने भुगतान नेटवर्क को शामिल किया है, जिससे एआई एजेंट उपयोगकर्ताओं की ओर से खरीदारी और भुगतान जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर सकेंगे।
इस तकनीकी बदलाव को भविष्य के डिजिटल भुगतान क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल से कॉरपोरेट नौकरियों के स्वरूप में बदलाव आ सकता है।
इससे पहले अमेजन समेत कई अन्य बड़ी कंपनियां भी अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं।
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