शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) ने बुधवार को पार्टी के सभी पुराने प्रवक्ताओं की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दीं। पार्टी ने अब पूर्व विधायक विद्या चव्हाण और महेश तपासे को अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त किया है, जो मीडिया के सामने पार्टी का आधिकारिक पक्ष रखेंगे।
पार्टी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री शशिकांत शिंदे की मंजूरी के बाद 4 अगस्त 2026 से प्रवक्ता पद पर की गई सभी पिछली नियुक्तियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। पार्टी ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इस फैसले की जानकारी देते हुए इसका पालन करने का निर्देश दिया है।
एनसीपी-एसपी ने अपने बयान में कहा, “पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री शशिकांत शिंदे की मंजूरी से आज 4 अगस्त 2026 से पार्टी प्रवक्ता पद की सभी पिछली नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती हैं। आगे के आदेश तक पूर्व विधायक विद्या चव्हाण और महेश तपासे पार्टी की ओर से मीडिया के सामने आधिकारिक पक्ष रखने के लिए अधिकृत प्रवक्ता रहेंगे।”
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इस फैसले के बाद पार्टी नेता विकास लवांडे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि वह अब पार्टी के प्रवक्ता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के फैसले को स्वीकार करते हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए पहले की तरह काम करते रहेंगे।
लवांडे ने कहा कि किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी से बड़ा संगठन होता है। पार्टी की वजह से ही कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की पहचान बनती है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व द्वारा अब तक दिखाए गए भरोसे और प्रवक्ता के रूप में दिए गए अवसर के लिए आभार जताया।
एनसीपी-एसपी के एक अन्य प्रवक्ता अनीश गावंडे ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए काम करना उनके लिए सीखने वाला अनुभव रहा है। उन्होंने चुनावी रणनीति तैयार करने से लेकर विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखने तक की अपनी भूमिका को याद किया।
गावंडे ने शरद पवार के मार्गदर्शन को अपने लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके साथ काम करना जीवनभर की सीख जैसा अनुभव रहा है। पार्टी के इस फैसले को महाराष्ट्र की राजनीति में संगठनात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
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