गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थस्थल अंबाजी मंदिर में दान राशि चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मंदिर के भंडार में जमा दान राशि की गिनती के दौरान करीब 1.4 लाख रुपये की चोरी हुई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई कड़े नियम लागू किए हैं।
जानकारी के अनुसार, अंबाजी मंदिर ट्रस्ट में हर मंगलवार को भंडार में आई दान राशि की गिनती की जाती है। करीब दो महीने पहले इसी प्रक्रिया के दौरान मंदिर कर्मचारी चिराग ठाकोर पर दान राशि चोरी करने का आरोप लगा था। मामले का खुलासा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हुआ, जिसमें कर्मचारी नोटों का बंडल छिपाते हुए दिखाई दिया।
वीडियो में देखा गया कि चिराग ठाकोर ने नोटों के बंडल को अपने पैर के नीचे दबाकर छिपाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही अंबाजी मंदिर ट्रस्ट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में मंदिर के तीन कर्मचारियों चिराग ठाकोर, विवेक शर्मा और निकुल पटेल को गिरफ्तार किया।
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मंदिर ट्रस्ट ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। वहीं, जिला प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है।
नई व्यवस्था के तहत अब दान राशि की गिनती 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। कैमरों की रिकॉर्डिंग का बैकअप छह महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा। गिनती में शामिल कर्मचारियों की पुलिस की मौजूदगी में मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी।
इसके अलावा कर्मचारियों को बड़े जेब वाले कपड़े पहनने पर रोक लगा दी गई है। गिनती पूरी होने के बाद भी कर्मचारियों की दोबारा जांच की जाएगी।
दान राशि की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अंबाजी मंदिर के चाचर चौक में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, जहां अब दान की गिनती का लाइव प्रसारण किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के इन कदमों से श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होने की उम्मीद है।
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