असम के बोंगाईगांव में 29 वर्षीय महिला को मंगलवार को एक घर से कथित तौर पर कई महीनों तक बंद रखे जाने के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। महिला ने अपने पति और देवर पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
महिला के परिवार की शिकायत के बाद असम राज्य महिला आयोग की सदस्य हिमानी अधिकारी के नेतृत्व में बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर का बंद गेट खुलवाकर महिला को बाहर निकाला गया।
महिला की पहचान सायनिका दास के रूप में हुई है। उसने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसके वैवाहिक जीवन में परेशानियां शुरू हो गई थीं और बाद में उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
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सायनिका ने बताया कि उसकी शादी 25 फरवरी 2022 को अंशुमान कलिता से हुई थी। उसने कहा कि यह प्रेम विवाह था और दोनों परिवारों की सहमति से शादी हुई थी। शादी के बाद घरेलू खर्च को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगे।
महिला के मुताबिक, वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहती थी और माता-पिता से पैसे मांगने में असहज महसूस करती थी। इसलिए उसने नौकरी के लिए आवेदन करना शुरू किया। बाद में उसे एक बैंक में नौकरी मिल गई। उसका कहना है कि उसने वैवाहिक जीवन को आगे बढ़ाने के लिए नौकरी के साथ रिश्ता बनाए रखने की कोशिश की।
सायनिका ने आरोप लगाया कि उसका पति तिनसुकिया में काम करता था और शुरुआत में उसने नौकरी करने की योजना का समर्थन किया। लेकिन वहां जाने के बाद पति ने उससे फोन पर बात करना बंद कर दिया और मिलने भी नहीं आया।
महिला ने दावा किया कि बाद में वह अचानक घर लौटी तो उसे वहां दूसरी महिला के कपड़े और कुछ अन्य आपत्तिजनक सामान मिले। इसके बाद कथित तौर पर उसे मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
सायनिका ने अपने आरोपों में पति अंशुमान कलिता और उसके भाई पालबन कलिता का नाम लिया है। इसके बाद उसके परिवार ने अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।
हालांकि, महिला और उसके परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की अभी जांच जारी है। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।
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