असम के जोरहाट जिले में नौ वर्षीय बच्ची के कथित अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बच्ची का अपहरण उसके चाचा-चाची ने मरियानी इलाके से किया था। इसके बाद परिवार से 60 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्ची को डेरगांव के इस्लामनगर से रात करीब दो बजे सुरक्षित बरामद कर लिया।
मामले में पुलिस ने बच्ची के चाचा सागर घोष उर्फ तारजन और वसीम रहमान उर्फ कनकई को गिरफ्तार किया है। वहीं सागर घोष की पत्नी मनीषा घोष, राहुल अली और मोन नामक एक अन्य व्यक्ति फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कथित अपहरण में इस्तेमाल की गई बलेनो कार और लाल रंग की स्कूटर भी जब्त की है।
पुलिस के मुताबिक, सागर घोष को डेरगांव के कोइलाखाटा से, जबकि वसीम रहमान को इस्लामनगर से गिरफ्तार किया गया। राहुल अली डेरगांव के इस्लामनगर का रहने वाला बताया गया है, जबकि मोन डेरगांव के फूकन नगर का निवासी है।
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जानकारी के अनुसार, बच्ची के चाचा-चाची पिछले तीन दिनों से मरियानी स्थित लोकनाथ भवन के कमरा नंबर 109 में ठहरे हुए थे। मंगलवार दोपहर सागर घोष और मनीषा घोष कथित तौर पर एक रिश्तेदार के घर पहुंचे और बहाने से बच्ची को अपने साथ ले गए।
काफी देर तक बच्ची के घर नहीं लौटने पर परिवार को चिंता हुई। शाम करीब पांच बजे कथित अपहरणकर्ताओं ने 60 लाख रुपये की फिरौती मांगी और परिवार को पुलिस से संपर्क नहीं करने की चेतावनी दी। आरोप है कि उन्होंने शाम आठ बजे तक रकम नहीं मिलने पर बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।
इसके बाद बच्ची के पिता ने पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलते ही मरियानी पुलिस ने तत्काल अभियान शुरू किया। पुलिस ने डेरगांव के इस्लामनगर में बच्ची का पता लगाया और रात करीब दो बजे उसे सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
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