गोवा में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने पुराने गठबंधन को फिर से मजबूत करने की दिशा में बातचीत शुरू कर दी है। इस बीच अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस संभावित गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है।
दक्षिण गोवा के फातोर्डा में कांग्रेस की गोवा इकाई के अध्यक्ष गिरीश चोडणकर और जीएफपी प्रमुख विजय सरदेसाई के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद गिरीश चोडणकर ने बताया कि यह प्रारंभिक दौर की चर्चा थी और दोनों दल गठबंधन को दोबारा मजबूत करने पर सहमत हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक और बैठक होगी, जिसमें सीटों के बंटवारे समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, आम आदमी पार्टी की गोवा इकाई के अध्यक्ष वाल्मीकि नाइक ने कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से हटाने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि राज्य में कथित भ्रष्ट भाजपा सरकार को हराना विपक्ष का साझा लक्ष्य होना चाहिए।
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गौरतलब है कि गोवा में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और मणिपुर के चुनावों के साथ होने की संभावना है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 40 में से 20 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी।
उस चुनाव में कांग्रेस और जीएफपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस ने 11 सीटें जीती थीं, जबकि जीएफपी को केवल एक सीट मिली थी। हालांकि बाद में कांग्रेस के आठ विधायक भाजपा में शामिल हो गए, जिसके बाद विधानसभा में कांग्रेस की संख्या घटकर तीन रह गई।
इस बार भाजपा ने कम से कम 30 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है और लगातार चौथी बार सरकार बनाने का दावा किया है। वहीं, वर्ष 2022 में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। तृणमूल कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी, जबकि महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी को दो सीटें मिली थीं। आम आदमी पार्टी ने दो, रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी ने एक सीट जीती थी, जबकि तीन निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी रहे थे।
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