साइबराबाद पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कथित रूप से म्यूल बैंक अकाउंट खोलने, उन्हें संचालित करने और साइबर अपराध से प्राप्त धन को आगे ट्रांसफर करने में शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से घुमाकर उसे छिपाने का काम करता था। इन खातों का उपयोग साइबर अपराध की आय को आगे भेजने और उसे वैध दिखाने के लिए किया जाता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रापार्थी गौतम (28), जो एक ऑटो चालक है; सेनापति पेंटैया (56); मुरपाकला कुमार (30), निजी कर्मचारी; और विज्जिपु सत्यनारायण (44) — ये सभी विशाखापत्तनम से हैं। इसके अलावा बोदला साई कुमार (28), जो ओडिशा में डिलीवरी एजेंट है; मंत्री साई कुमार (24), जो ट्रैवल व्यवसाय से जुड़ा है; और उत्ला सत्यनारायण (27), जो हैदराबाद का छात्र है, को भी गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस ने बताया कि यह गिरोह लोगों को आसान निवेश और अधिक मुनाफे का झांसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी करता था। बाद में पैसों को विभिन्न म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धन के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।
साइबराबाद पुलिस ने कहा कि इस तरह के नेटवर्क साइबर अपराध को बढ़ावा देते हैं और आम नागरिकों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में शामिल होने से पहले उसकी पूरी जांच करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें।
पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और पूरे साइबर फ्रॉड मॉडल की जांच कर रही है।
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