कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई बातचीत को लेकर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा नहीं की और उनकी छवि कमजोर दिखाई दी।
पवन खेड़ा ने कहा कि उन्होंने पहले कभी किसी प्रधानमंत्री को इस तरह “समर्पण” करते नहीं देखा। उनके अनुसार, यह स्थिति न केवल भारत के लिए “शर्मनाक” है, बल्कि “दुखद” भी है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत का तरीका और रुख भारत की कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करने के बजाय कमजोर करता है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों की रक्षा करना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी होती है, लेकिन हालिया घटनाक्रम में ऐसा प्रतीत हुआ कि भारत अपने रुख को मजबूती से नहीं रख सका। उन्होंने इस बातचीत को लेकर सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।
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पवन खेड़ा की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की बात कही जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कांग्रेस के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कांग्रेस पर प्रधानमंत्री की विदेश नीति को लेकर अनावश्यक आलोचना करने का आरोप लगा सकते हैं, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक बहस का हिस्सा बता रही है।
यह विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रूप ले सकता है, खासकर जब विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर देश के भीतर बहस तेज होती जा रही है।
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