दिल्ली के उत्तर क्षेत्र में स्थित गांधी विहार इलाका आमतौर पर एक साधारण मध्यमवर्गीय कॉलोनी के रूप में जाना जाता है। यहां तीन-चार मंज़िला मकान, छोटी दुकानें और संकरी गलियां हैं, जिनमें गाड़ियां बेतरतीब ढंग से खड़ी रहती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस के नजदीक होने के कारण यह इलाका छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय है। देशभर से आने वाले हजारों छात्र यहां सस्ती रहने की जगह तलाशते हैं।
इसी गांधी विहार में 6 अक्टूबर 2025 को UPSC की तैयारी कर रहे छात्र राम केश मीणा की मौत ने सनसनी फैला दी। शुरुआत में यह मामला गैस सिलेंडर विस्फोट का लग रहा था, क्योंकि घटनास्थल से जली हुई लाश बरामद हुई थी। ऐसे हादसे पहले भी सामने आ चुके थे, इसलिए पुलिस ने पहले इसे एक दुर्घटना के तौर पर देखा।
लेकिन जब दिल्ली पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो तस्वीर बिल्कुल बदल गई। जली हुई लाश, कमरे की हालत और कुछ संदिग्ध संकेतों ने जांचकर्ताओं को शक के दायरे में ला दिया। घटनास्थल पर मिली एक हार्ड डिस्क ने इस केस को नया मोड़ दिया, जिसमें कई ऐसे डिजिटल सबूत मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस को हत्या की साजिश तक पहुंचाया।
और पढ़ें: पति की हत्या की गवाह दिल्ली की 44 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या, 2023 के केस से जुड़ाव की आशंका
जांच में सामने आया कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या थी। इस अपराध में मृतक की पूर्व लिव-इन पार्टनर, उसके अतीत का एक बॉयफ्रेंड और एक दोस्त की भूमिका सामने आई। दोस्त की वफादारी उसे भारी पड़ गई और वह भी इस साजिश में फंस गया।
पुलिस ने तकनीकी सबूतों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और डिजिटल डेटा के आधार पर पूरे मामले की परतें खोलीं। आखिरकार, यह स्पष्ट हो गया कि सिलेंडर ब्लास्ट की आड़ में हत्या को दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई थी। दिल्ली पुलिस की सतर्कता और गहन जांच ने इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया।
और पढ़ें: दिल्ली में सेवानिवृत्त शिक्षक और पत्नी का घर पर शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका