प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता पार्थ चटर्जी के आवास सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई तब की गई जब पार्थ चटर्जी बार-बार समन जारी होने के बावजूद जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हुए।
ईडी ने इससे पहले पार्थ चटर्जी को तीन बार समन भेजा था, लेकिन वह एक बार भी पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद एजेंसी ने सख्त रुख अपनाते हुए तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और धन के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाना है।
यह मामला प्राथमिक शिक्षकों, स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के सहायक शिक्षकों और अन्य पदों की भर्ती में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई और इसके बदले में अवैध रूप से पैसे लिए गए।
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पार्थ चटर्जी पहले राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और इस मामले के सामने आने के बाद उनकी राजनीतिक छवि पर बड़ा असर पड़ा है। ईडी इस मामले में पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है और वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
एजेंसी का कहना है कि छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जब्त किए जा सकते हैं, जो मामले की जांच में अहम साबित होंगे।
इस मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले समय में जांच के और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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