झारखंड के गिरिडीह जिले में एक निजी निर्माण कंपनी के कर्मचारी की कथित अपहरण के बाद हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह ट्रैक्टरों के डीजल बिल में कथित हेराफेरी से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है।
मृतक की पहचान मंजेश सिंह के रूप में हुई है। वह बिहार के लखीसराय जिले का रहने वाला था और कंपनी में क्लर्क के पद पर काम करता था। पुलिस के मुताबिक, नौकरी शुरू करने के करीब 15 दिन बाद ही मंजेश लापता हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस मुख्य आरोपी ट्रैक्टर चालक पिंटू यादव तक पहुंची। पूछताछ और उससे मिली जानकारी के आधार पर मंगलवार को मंजेश का शव बरामद किया गया। शव बिहार के जमुई जिले के एक जंगल से मिला। खोरीमहुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में कंपनी के दो कर्मचारियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस का आरोप है कि कुछ कर्मचारी ट्रैक्टरों में इस्तेमाल होने वाले डीजल के बिल में कथित हेराफेरी कर अतिरिक्त भुगतान हासिल कर रहे थे। मंजेश ने इस गड़बड़ी में सहयोग करने से इनकार कर दिया था। इसी कारण उसके सहकर्मियों और परियोजना प्रबंधक उपेंद्र चौधरी से उसका विवाद हुआ।
जांच में सामने आया कि कथित तौर पर कुछ सहकर्मियों और पिंटू यादव ने मिलकर मंजेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, रविवार को छह लोगों ने खटपोंक इलाके में मोटरसाइकिल से जा रहे मंजेश का अपहरण किया और उसे जंगल में ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने घटनास्थल से कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनमें परियोजना प्रबंधक उपेंद्र चौधरी भी शामिल है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
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