कर्नाटक में 20 वर्षीय मन्या पाटिल की कथित ऑनर किलिंग ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि मन्या की हत्या उसके ही पिता और परिजनों ने इसलिए कर दी क्योंकि उसने एक दलित युवक विवेकानंद धोद्दामणि से विवाह किया था। इस दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले में त्वरित सुनवाई और सख्त एंटी-ऑनर किलिंग कानून लाने का आश्वासन दिया है।
विवेकानंद धोद्दामणि, जो 22 वर्षीय दलित युवक हैं, इस घटना से अब भी सदमे में हैं। उनकी आवाज भर्रा जाती है जब वे बताते हैं कि मन्या के पिता और उनके बीच लंबे समय से दोस्ती थी। यही बात उन्हें सबसे अधिक परेशान करती है। विवेकानंद कहते हैं कि दोस्ती तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही उन्होंने और मन्या ने शादी का फैसला किया, मानो एक अदृश्य रेखा पार हो गई।
मन्या एक लिंगायत परिवार से थीं और गर्भवती थीं। आरोप है कि परिवार ने “इज्जत” के नाम पर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। विवेकानंद कहते हैं, “मैंने सपना देखा था कि एक दिन मेरा बच्चा मन्या के पिता के साथ खेलेगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि जाति किसी पिता को अपनी ही बेटी की जान लेने पर मजबूर कर सकती है।”
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यह घटना कर्नाटक ही नहीं, पूरे देश में जाति आधारित हिंसा और ऑनर किलिंग की भयावह सच्चाई को उजागर करती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानून और त्वरित न्याय बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई और मन्या इस अमानवीय सोच का शिकार न बने।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि समाज में अब भी गहरी जड़ें जमाए जातिवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की जरूरत है।
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