लद्दाख के उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना रविवार, 7 जून को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार के लिए रवाना होंगे। वे वहां से भगवान बुद्ध के दो महान शिष्यों के पवित्र अवशेषों को भारत लाने के लिए विशेष रूप से यात्रा करेंगे।
ये पवित्र अवशेष मंगोलिया में 10 दिनों तक आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी के बाद भारत वापस लाए जाएंगे। इस धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम को बौद्ध परंपरा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भगवान बुद्ध के अनुयायियों से जुड़े इन पवित्र अवशेषों को लेकर दोनों देशों में विशेष श्रद्धा और सम्मान देखा जा रहा है।
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उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की यह यात्रा भारत सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत बौद्ध धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
अधिकारियों ने बताया कि अवशेषों को भारत लाने के बाद उन्हें विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जाएगा और देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए भी प्रदर्शित किया जा सकता है।
इस कार्यक्रम को बौद्ध समुदाय और धार्मिक संगठनों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इससे जुड़ने की संभावना है।
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