महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में 33 वर्षीय मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को मुंबई के माहिम इलाके से गिरफ्तार किया है। एटीएस की कालाचौकी इकाई ने गुप्त सूचना के आधार पर माहिम मेट्रो स्टेशन के पास आरोपी को पकड़ा।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता के रूप में काम करता था। हालांकि, उस पर सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारों का प्रचार करने का आरोप है। जांचकर्ताओं ने उसके नाम से जुड़े कई सोशल मीडिया कमेंट्स की भी जांच की है, जिनमें जिहाद का आह्वान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी और मुस्लिमों को हथियार रखने की अपील शामिल बताई गई है।
महाराष्ट्र एटीएस के आरोप
एटीएस का आरोप है कि अख्तर अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और देशविरोधी भावनाएं भड़काने की कोशिश कर रहा था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, उसके मोबाइल फोन से कथित तौर पर देशविरोधी सामग्री भी बरामद हुई है।
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जांच में सामने आए कुछ कमेंट्स में कथित रूप से कहा गया कि अब जिहाद का समय आ गया है और हर मुस्लिम को हथियार रखना चाहिए। ये टिप्पणियां धार्मिक विवादों और हथियारों के प्रशिक्षण से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में की गई थीं।
एजेंसी ने शाही मस्जिद को बचाने के प्रयासों से जुड़ी एक पोस्ट पर की गई कथित टिप्पणी की भी जांच की है, जिसमें लोगों से अल्लाह के लिए जिहाद करने की अपील की गई थी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जवाब में की गई टिप्पणी भी जांच के दायरे में है। एजेंसी के अनुसार, इसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या जैसी घटना का संदर्भ होने का संदेह है।
टेलीग्राम गतिविधियों की जांच
एटीएस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर एक टेलीग्राम समूह भी संचालित करता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने एक जून 2026 को जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के ऑडियो भाषण समूह में साझा किए थे। इन भाषणों में बाबरी मस्जिद से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख बताया गया है।
एटीएस यह भी जांच कर रही है कि अख्तर पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी टेलीग्राम चैनल ‘इब्न-ए-कासिम’ का सक्रिय सदस्य था या नहीं। फिलहाल, उसकी ऑनलाइन गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन से कथित संबंधों की पड़ताल जारी है।
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