मेरठ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें अदालत ने एक महिला और उसके प्रेमी को उसके पति की हत्या करने के जुर्म में मौत की सज़ा सुनाई है। आरोपियों ने हत्या के बाद शव के पास सांप रखकर इसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की थी, ताकि पुलिस और परिजनों को गुमराह किया जा सके।
पुलिस के अनुसार, मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने पर उसकी गर्दन और नाक पर चोट के निशान पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उसकी मौत गला घोंटने से हुई थी, न कि सांप के काटने से। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए इन तथ्यों ने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी और पुलिस को शक हुआ कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।
जांच में आगे बढ़ने पर पुलिस ने पाया कि मृतक की पत्नी का किसी व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध था और दोनों ने मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। पति को गला दबाकर मार डालने के बाद दोनों ने शव के पास सांप रखकर यह दिखाने की कोशिश की कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है, जिससे किसी को शक न हो और मामला दबा दिया जाए।
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हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले साक्ष्यों ने पुलिस को सच्चाई तक पहुंचने में मदद की। पुलिस ने गहन जांच के बाद महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया और दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष अपनी दलीलें पेश कीं।
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई। अदालत ने माना कि यह अपराध न केवल क्रूर था बल्कि इसे अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की सुनियोजित कोशिश भी की गई, जो इसे और गंभीर बनाता है।
इस फैसले से मेरठ में हड़कंप मच गया है और यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले साक्ष्यों की बारीकी से जांच के चलते ही इस सुनियोजित साजिश का पर्दाफाश हो सका और असली अपराधियों को कानून के कठघरे में लाया जा सका।
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