महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई जब एनसीपी (शरद पवार गुट) के कांग्रेस में विलय की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और साफ कहा है कि न तो उनकी पार्टी का किसी तरह का विभाजन होगा और न ही कांग्रेस में विलय की कोई योजना है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि शरद पवार के नेतृत्व वाला एनसीपी गुट जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ इस विषय पर चर्चा चल रही है।
लेकिन शरद पवार ने इन सभी दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट है और भविष्य में किसी भी तरह के विलय या टूट की कोई संभावना नहीं है। इससे पहले भी मई महीने में उनके गुट ने स्पष्ट किया था कि अजित पवार गुट के साथ भी किसी तरह के विलय की कोई बात नहीं है।
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गौरतलब है कि शरद पवार ने वर्ष 1999 में कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) बनाई थी। बाद में वर्ष 2023 में उनके भतीजे अजित पवार ने भी अलग होकर एनसीपी में विभाजन कर दिया और एक अलग गुट बना लिया, जो वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा है।
हाल के दिनों में कुछ राजनीतिक रिपोर्टों में दावा किया गया था कि कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) के बीच विलय की बातचीत अंतिम चरण में है, लेकिन शरद पवार ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
इसी बीच, एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी कहा कि उनकी पार्टी के सभी आठ सांसद एकजुट हैं और किसी के भी दल बदलने की कोई संभावना नहीं है।
पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि एनसीपी (एसपी) मजबूत स्थिति में है और किसी तरह की राजनीतिक अटकलों से संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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