एक दुर्लभ और ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (20 जून 2026) को ओडिशा के मयूरभंज जिले के दूरस्थ आदिवासी गांव पाहाड़पुर पहुंचे। यह गांव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ससुराल है। नई दिल्ली की राजनीतिक गतिविधियों से दूर, दोनों नेताओं ने आदिवासी जीवनशैली, संस्कृति और परंपराओं को करीब से देखा और समझा।
इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गांव की विशेषताओं, स्थानीय परंपराओं और संथाल समुदाय की धार्मिक मान्यताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘जाहेरा’ के महत्व से भी अवगत कराया, जो संथाल समुदाय का एक पवित्र पूजा स्थल माना जाता है।
पाहाड़पुर में दोनों नेताओं ने ग्रामीणों से मुलाकात की और आदिवासी समाज के जीवन, रीति-रिवाजों तथा सांस्कृतिक विरासत को समझने का प्रयास किया। इस अवसर को आदिवासी समुदाय के लिए सम्मान और गौरव का क्षण माना जा रहा है।
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अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से 47,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें 25,016 करोड़ रुपये की लागत वाली कोयला गैसीकरण (कोल गैसीफिकेशन) इकाई, लगभग 6,000 करोड़ रुपये की विद्युत परियोजनाएं और 700 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे अवसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। साथ ही, ओडिशा और पूर्वी भारत के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान और जुड़ाव का भी प्रतीक बनकर सामने आया।
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