जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर भारतीय क्षेत्र में घुसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के 22 वर्षीय युवक को सेना ने हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मामला सोशल मीडिया पर बने संबंध से जुड़ा हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी युवक की पहचान जिशान मीर, निवासी मीरपुर (पीओके) के रूप में हुई है। उसे सेना के जवानों ने एलओसी पार करने के तुरंत बाद पकड़ लिया। इसके बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया।
जांच में पता चला है कि जिशान मीर की मुलाकात उरी के तुलवारी गांव की रहने वाली युवती इरम बानो से स्नैपचैट के जरिए हुई थी। यह ऑनलाइन बातचीत धीरे-धीरे एक भावनात्मक रिश्ते में बदल गई। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच बातचीत में यह भी सामने आया कि जिशान के पूर्वज उसी गांव से जुड़े हुए थे जहां इरम बानो रहती हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक, जिशान घरेलू और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था और वह डिप्रेशन जैसी स्थिति में था। इसी दौरान उसने भारत आने और नई जिंदगी शुरू करने का निर्णय लिया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, बातचीत के दौरान इरम बानो ने कथित तौर पर उसे भारत आने और आत्मसमर्पण करने की सलाह दी थी, ताकि कानूनी प्रक्रिया के बाद वह आगे का जीवन शुरू कर सके। इसी योजना के तहत वह एलओसी पार कर भारत आया।
सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए घुसपैठिए को पकड़ लिया और संयम बरतते हुए कार्रवाई की।
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां दोनों पक्षों के बयान की जांच कर रही हैं और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसमें कोई बाहरी प्रभाव या साजिश शामिल है।
यह मामला अब सुरक्षा और सोशल मीडिया के प्रभाव दोनों दृष्टिकोण से जांच के दायरे में है।
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