मुंबई पुलिस ने पुणे में दो फर्जी कॉल सेंटर चलाकर माता-पिता से ठगी करने वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में उनके बच्चों का दाखिला कराने का झांसा देकर बड़ी रकम वसूलने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में सामने आए कम से कम छह मामलों से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े ने बताया कि ठगी का नेटवर्क पुणे स्थित दो कॉल सेंटरों से संचालित किया जा रहा था। आरोपी संभावित पीड़ितों को फोन करते थे और बच्चों के कॉलेज में दाखिले को लेकर उनसे लगातार बातचीत करते थे। वे अभिभावकों को भरोसे में लेकर लंबे समय तक बातचीत जारी रखते और अलग-अलग प्रक्रियाओं तथा दाखिले के नाम पर उनसे अधिक से अधिक रकम हासिल करते थे।
जांच के दौरान पुलिस ने करीब 1.35 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें आरोपियों से कथित तौर पर जुड़ी महंगी कारें भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी से जुड़ी एक बीएमडब्ल्यू, एक जगुआर और एक मारुति सुजुकी सियाज दूसरे लोगों के नाम पर पंजीकृत थीं।
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पुलिस ने एक बैंक खाते से 24 लाख रुपये भी जब्त किए हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी से हासिल रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क, इसके संचालन में शामिल अन्य लोगों और अब तक ठगी गई कुल रकम का पता लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र के अलावा उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में दर्ज मामलों से आरोपियों के संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन-किन अभिभावकों को निशाना बनाया और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के नाम का इस्तेमाल किस तरीके से किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
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