पाकिस्तान ने भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को एक आतंकी नेटवर्क से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। यह कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में की गई समन्वित सुरक्षा कार्रवाइयों के दौरान हुई गिरफ्तारियों के संदर्भ में की गई थी।
भारत सरकार के अनुसार शाहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान स्थित एक आतंकी सिंडिकेट है, जो भारत के विभिन्न हिस्सों में ग्रेनेड हमले, आईईडी विस्फोट, पेट्रोल बम हमले और लक्षित हत्याओं जैसी घटनाओं में कथित रूप से शामिल रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को कहा था कि स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के 14 राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियानों के दौरान आईएसआई समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क के 200 से अधिक संचालकों को गिरफ्तार किया गया।
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शाह के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई से संगठन की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संभावित हिंसक और विध्वंसक हमलों की योजना को नाकाम करने में सफलता मिली।
पाकिस्तान ने हालांकि भारत के इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया और अमित शाह की टिप्पणी को खारिज कर दिया। इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच आतंकवाद और सीमा पार गतिविधियों को लेकर जारी तनाव एक बार फिर सामने आया है।
भारत की सुरक्षा एजेंसियां स्वतंत्रता दिवस के दौरान किसी भी संभावित आतंकी खतरे को रोकने के लिए पहले से ही विभिन्न राज्यों में अभियान चला रही थीं। इन अभियानों के दौरान हुई गिरफ्तारियों को सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर भारत के आरोपों और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बीच आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कूटनीतिक बयानबाजी बढ़ने की संभावना है।
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