अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। इस मामले में अब मंदिर से जुड़े एक और व्यक्ति फूलकांत मिश्रा का नाम चर्चा में आया है। बताया जा रहा है कि फूलकांत मिश्रा के पास मंदिर में चढ़ाए जाने वाले आभूषणों की देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी थी।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने छह दिनों तक करीब 60 घंटे की जांच के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के किसी बड़े पदाधिकारी का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था में कई गंभीर खामियों की ओर संकेत किया गया है। रिपोर्ट में ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से जुड़े कुछ कर्मचारियों का भी उल्लेख किया गया है, जो दान की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे।
जांच एजेंसियों के रडार पर सबसे ऊपर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम बताया जा रहा है, जिनके पास चढ़ावे के प्रबंधन की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा मंदिर कर्मचारी सोमेश आनंद से भी पूछताछ की जा रही है। उन पर चंदे की रकम लेकर फरार होने का आरोप है, हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है।
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एसआईटी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दानपात्र से निकाली गई राशि को काउंटिंग सेंटर तक पहुंचाने, उसकी गिनती करने और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में गंभीर कमियां थीं। सोने-चांदी के आभूषणों के रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच टीम अब तक करीब 150 लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें से 25 लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट पदाधिकारियों और जांच के दायरे में आए कर्मचारियों के अयोध्या से बाहर जाने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट अगले 15 दिनों में आने की संभावना है।
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