साल 2022 में चर्चित पंजाबी गायक और रैपर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आया है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले के दो मुख्य आरोपियों पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दे दी है। इस फैसले से लगभग चार साल पुराने इस बहुचर्चित मामले में नई बहस शुरू हो गई है।
पवन बिश्नोई की ओर से पेश अधिवक्ता अभय कुमार ने बताया कि उनके मुवक्किल पर आरोप था कि कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने उन्हें फोन कर एक बोलेरो वाहन की व्यवस्था करने को कहा था, जिसका इस्तेमाल हमलावरों ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के दौरान किया। पुलिस का दावा था कि पवन बिश्नोई इस साजिश का हिस्सा थे। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है।
29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव में सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय 28 वर्षीय गायक अपनी महिंद्रा थार कार में दो साथियों के साथ जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। रिपोर्टों के अनुसार उन पर करीब 19 गोलियां चलाई गईं। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद दो लोग घायल हो गए थे।
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इस घटना के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उसने दावा किया था कि यह हमला अकाली नेता विक्की मिड्डुखेड़ा की 2021 में हुई हत्या का बदला था।
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में 30 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया। इनमें लॉरेंस बिश्नोई समेत कई नाम शामिल हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि जमानत का मतलब आरोपियों को दोषमुक्त करना नहीं है और मामले की सुनवाई जारी रहेगी।
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