अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक पत्र याचिका भेजी गई है।
इस पत्र याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंदिर में आने वाले दान, चढ़ावे और अन्य आर्थिक योगदान के उपयोग और प्रबंधन में गड़बड़ी, धन के कथित दुरुपयोग और कुछ राशि के गायब होने जैसी गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भक्तों द्वारा दिए गए दान का उपयोग सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार न हो।
और पढ़ें: हिमाचल प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव में विधायकों को मतदान की अनुमति
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब श्री राम जन्मभूमि मंदिर देशभर में श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन दान दे रहे हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे और किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
हालांकि अभी तक इस पत्र याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई औपचारिक सुनवाई या टिप्पणी सामने नहीं आई है। अदालत द्वारा मामले की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
यह मामला अब कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
और पढ़ें: बिहार मंत्री दीपक प्रकाश की कैबिनेट नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब, वैधता पर उठे सवाल