दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस (AIIMS), दिल्ली को आदेश दिया है कि वह जैदीप सेंगर की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण करने के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करे। जैदीप सेंगर उन्नाव कस्टडी मौत मामले में आरोपी हैं और उन्होंने अपने 10 साल के जेल की सजा को स्वास्थ्य कारणों से स्थगित करने की मांग की है।
जैदीप सेंगर, 50 वर्षीय, निष्कासित भाजपा नेता कुलदीप सेंगर के भाई हैं। उन्होंने स्टेज-4 ओरल कैंसर के कारण और इसके संभावित पुनरावृत्ति के चलते राहत मांगी है। सीबीआई ने दावा किया है कि उनके कोर्ट में प्रस्तुत किए गए चिकित्सा दस्तावेज नकली हैं।
इस मामले में जैदीप सेंगर के वकीलों ने दलील दी है कि गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के कारण उन्हें जेल से बाहर राहत दी जानी चाहिए। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस अनुरोध पर AIIMS को निर्देश दिया है कि वह जैदीप की जांच करे और उनकी मेडिकल स्थिति के आधार पर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे।
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मेडिकल बोर्ड का गठन जैदीप सेंगर की स्थिति का स्वतंत्र और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि स्वास्थ्य जांच के बाद ही जेल की सजा में किसी प्रकार की राहत पर निर्णय लिया जा सकता है।
यह मामला उन्नाव कस्टडी मौत मामले का हिस्सा है, जिसमें पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत हुई थी। कोर्ट की इस पहल से न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और गंभीर स्वास्थ्य मामलों में संवेदनशीलता को महत्व दिया जा रहा है।
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