पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने उद्योगपति पवन रुइया को साइबर धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, रुइया पर आरोप है कि उन्होंने कई वरिष्ठ नागरिकों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया, जिसमें से एक व्यक्ति ने उनके मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लगभग ₹93 लाख की हानि उठाई।
पुलिस ने बताया कि यह मामला राज्य के विभिन्न जिलों में फैली जटिल ऑनलाइन धोखाधड़ी का हिस्सा है। आरोप है कि रुइया ने फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन तैयार कर निवेशकों और वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय लेन-देन के नाम पर पैसे जमा करने के लिए प्रेरित किया। जांच में यह सामने आया कि एप्लिकेशन में धोखाधड़ी के संकेत थे और उपयोगकर्ताओं की राशि सीधे संदिग्ध खातों में ट्रांसफर की जाती थी।
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद रुइया के बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों की जाँच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई उन कई पहलुओं की जांच का हिस्सा है जिनसे साइबर अपराधियों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के वित्तीय सुरक्षा को बढ़ाने और ऐसे धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए राज्य में सतर्कता बढ़ाई जाएगी।
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पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान मोबाइल एप या ऑनलाइन निवेश स्कीम में तुरंत भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी साइबर क्राइम विंग को दें।
इस गिरफ्तारी से पश्चिम बंगाल में साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संदेश गया है। यह घटना डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा और वरिष्ठ नागरिकों के वित्तीय अधिकारों की सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है।
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