पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास एक नाव पलटने से कम से कम 109 प्रवासियों की मौत हो गई। मृतकों में 15 बच्चे भी शामिल हैं। नाव में कुल 305 लोग सवार थे और वह जिबूती से यमन जा रही थी।
रिपोर्ट के अनुसार, यह दुर्घटना गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह हुई। हादसे में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे मारे गए, जबकि 80 से अधिक लोग बचने में सफल रहे। दुर्घटना के कारणों और लापता लोगों की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के मुताबिक, अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र से हर साल हजारों प्रवासी सुरक्षा और बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में जिबूती पहुंचते हैं। वहां से वे बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार करके खाड़ी देशों की ओर जाने की कोशिश करते हैं। यमन में जारी हिंसा के बावजूद यह प्रवासन मार्ग इस्तेमाल किया जा रहा है।
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जिबूती में आईओएम के मिशन प्रमुख अलेक्जेंड्रे कोइसैक ने इस घटना को जानमाल का विनाशकारी नुकसान बताया। उन्होंने कहा कि यह त्रासदी प्रवासियों के सामने मौजूद खतरों की गंभीर याद दिलाती है।
यमन में संघर्ष से बढ़ रहा पलायन
दूसरी ओर, युद्धग्रस्त यमन से भी बड़ी संख्या में लोग लाल सागर पार कर जिबूती में शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के अनुसार, 2,000 से अधिक यमनी नागरिक फिलहाल जिबूती में हैं, जहां सरकार और आईओएम उन्हें भोजन तथा आश्रय उपलब्ध करा रहे हैं।
यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी अरब पिछले 12 वर्षों से ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, लड़ाई के कारण देश के भीतर दो लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।
सऊदी नेतृत्व वाली सेना का अभियान तेज
सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमनी बलों ने हाल में पश्चिमी यमन तथा लाल सागर तट के क्षेत्रों में सैन्य अभियान तेज किया है। इसका उद्देश्य हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेना है।
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से लाल सागर क्षेत्र की सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
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