नेपाल के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मंगलवार देर रात 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप रात 9:38 बजे भारतीय समयानुसार दर्ज किया गया। इसका केंद्र जमीन से करीब 143 किलोमीटर नीचे था। अधिक गहराई के कारण तत्काल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली।
भूकंप का केंद्र 29.022 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 83.978 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। अधिकारियों के अनुसार, भूकंप से किसी व्यक्ति की मौत या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में मिट्टी अस्थिर है, इसलिए राहत और बचाव दलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल भोते कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के 14 दिन बाद भी सुरंगों और प्रभावित इलाकों में जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं।
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पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, आपदा में अब तक 1,366 लोगों की मौत हुई है, जबकि 4,077 लोग अभी भी लापता हैं। बरामद 1,147 शवों का डीएनए परीक्षण करने के बाद दफना दिया गया है, जबकि 102 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। लापता लोगों में 3,469 नेपाली नागरिक और 35 देशों के 598 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
बचाव अभियान में भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात की विशेषज्ञ टीमें भी शामिल हैं। ऊपरी त्रिशूली-3A और ऊपरी त्रिशूली-1 सुरंगों से हाल में कुछ लोगों को जीवित बाहर निकाला गया। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के अनुसार, चिलिमे सुरंग में मलबा हटाने और विस्फोटक तकनीक के जरिए रास्ता खोलने का संयुक्त अभियान चलाया गया। बचाव दल ड्रोन, लाइडार और खुदाई मशीनों की मदद से बाढ़ग्रस्त सुरंगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
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