आंध्र प्रदेश सरकार ने वैश्विक टेक कंपनी कैपजेमिनी को विशाखापट्टनम (विजाग) में आईटी विकास केंद्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने गुरुवार को कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऐमान एज़्ज़ात से मुलाकात कर इस प्रस्ताव पर चर्चा की।
यह बैठक विशाखापट्टनम में हुई, जहां राज्य में आईटी क्षेत्र के विस्तार और निवेश के अवसरों पर विस्तार से बातचीत हुई। नारा लोकेश ने कैपजेमिनी को यहां एक आईटी डेवलपमेंट सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।
राज्य सरकार के अनुसार यदि यह परियोजना शुरू होती है तो इससे लगभग 20,000 रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार का मानना है कि इससे राज्य में आईटी और तकनीकी उद्योग को नई गति मिलेगी और विशाखापट्टनम को एक बड़े टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
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बैठक के दौरान नारा लोकेश ने आंध्र प्रदेश में उपलब्ध बुनियादी ढांचे, कुशल मानव संसाधन और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आईटी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए कई नई पहल कर रही है, जिससे निवेशकों को बेहतर अवसर मिल सकें।
कैपजेमिनी एक बहुराष्ट्रीय आईटी और कंसल्टिंग कंपनी है, जो दुनिया भर में डिजिटल सेवाएं, क्लाउड समाधान और तकनीकी परामर्श प्रदान करती है। यदि कंपनी विशाखापट्टनम में अपना केंद्र स्थापित करती है, तो इससे स्थानीय युवाओं को आईटी क्षेत्र में रोजगार मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य विशाखापट्टनम को एक प्रमुख आईटी गंतव्य बनाना है, ताकि हैदराबाद और बेंगलुरु की तरह यहां भी तकनीकी उद्योग तेजी से विकसित हो सके।
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