बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को हिंदू समुदाय के हजारों लोगों ने भगवान राम के कथित अपमान के विरोध में विशाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मशालें लेकर शहर की सड़कों पर मार्च किया और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग एकत्र हुए और धार्मिक नारे लगाते हुए राजधानी के प्रमुख इलाकों से होकर गुजरे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भगवान राम की एक पवित्र छवि का अपमान किया गया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि किसी भी धर्म या धार्मिक प्रतीक का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बांग्लादेश सरकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाने की अपील की।
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प्रदर्शनकारियों के हाथों में मशालों के साथ-साथ विभिन्न बैनर और पोस्टर भी थे, जिन पर धार्मिक सम्मान बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के संदेश लिखे गए थे। कई लोगों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं और चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
यह प्रदर्शन बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं और उनके अधिकारों को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
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